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जानें कौन हैं अमित क्षत्रिय, जिन्हें नासा ने सौंपी है इस बड़े मिशन की कमान

नासा का कहना है कि अमित चंद्रमा और मंगल ग्रह पर होने वाली इंसानी गतिविधियों की प्लानिंग, डिजाइनिंग और उन्हें पूरा करने के मिशन को तैयार करने की महती जिम्मेदारी निभाएंगे। नासा के मुताबिक यह कार्यक्रम नासा की चंद्रमा पर लंबे समय तक उपस्थिति की तैयारियों को सुनिश्चित करेगा।

नासा ने अपने नए 'चांद से मंगल' कार्यक्रम का पहला प्रमुख अमित क्षत्रिय को बनाया है। (फोटो NASA/twitter)

अमेरिका की सियासत हो, विज्ञान या कारोबार, हर क्षेत्र में भारतवंशी तेजी से ऊंचाइयां छू रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं अमित क्षत्रिय, जिनकी प्रतिभा का लोहा अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने भी माना है। नासा ने अपने नए 'चांद से मंगल' कार्यक्रम का पहला प्रमुख अमित क्षत्रिय को बनाया है। वह 20 सालों से नासा के लिए काम कर रहे हैं। अमित के माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। अमित का जन्म अमेरिका स्थित विस्कॉन्सिन के ब्रुकफील्ड में हुआ है।

भारतीय-अमेरिकी सॉफ्टवेयर और रोबोटिक्स इंजीनियर अमित के नाम की घोषणा करते हुए एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि वह तत्काल प्रभाव से अपना काम शुरू करेंगे। नासा का कहना है कि अमित चंद्रमा और मंगल ग्रह पर होने वाली इंसानी गतिविधियों की प्लानिंग, डिजाइनिंग और उन्हें पूरा करने के मिशन को तैयार करने की महती जिम्मेदारी निभाएंगे।

नासा के मुताबिक यह कार्यक्रम नासा की चंद्रमा पर लंबे समय तक उपस्थिति की तैयारियों को सुनिश्चित करेगा। साथ ही इसका मकसद एजेंसी की चंद्रमा और मंगल पर मानव खोज से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम देना है, जिससे पूरी मानवता को उसका लाभ मिल सके। नासा के प्रशासक बिल नेल्सन का कहना है कि, यह कार्यक्रम नासा को चंद्रमा तक मिशन को पूरा करने और मंगल ग्रह पर पहली बार मानव को भेजने की तैयारियों में मदद करेगा।

अमेरिका में अमित की पहचान एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक के रूप में रही है। अमित ने 2003 में नासा के अंतरिक्ष कार्यक्रम से अपने करियर की शुरुआत सॉफ्टवेयर और रोबोटिक इंजीनियर के रूप में की थी। वह एकीकृत अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली 'ओरियन' और 'एक्सप्लोरेशन ग्राउंड सिस्टम प्रोग्राम' का निर्देशन और नेतृत्व कर चुके हैं।

वह  वर्ष 2014 से 2017 तक अंतरिक्ष केंद्र उड़ान निदेशक के पद पर रहे। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोनॉट्स की टीम के ऑपरेशंस और फ्लाइट्स को संचालित किया। 2021 में उन्हें एक्सप्लोरेशन सिस्टम डेवलपमेंट मिशन निदेशालय में उप सहयोगी प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वहां वह उस टीम का एक अभिन्न हिस्सा थे जिसने आर्टेमिस 1 मिशन के दौरान चंद्रमा पर मनुष्यों को ले जाने के लिए डिजाइन किए गए अंतरिक्ष यान को वापस लाया था।

अमित को नासा का आउटस्टैंडिंग लीडरशिप मेडल भी मिल चुका है। उन्हें सिल्वर स्नूपी अवॉर्ड भी मिला है, यह अवॉर्ड एस्ट्रोनॉट्स को सफलतापूर्वक स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस सुरक्षित लाने के लिए मिलता है। उन्होंने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से गणित विज्ञान में स्नातक किया है और टेक्सास यूनिवर्सिटी से गणित में एमए की उपाधि हासिल की है।

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