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अमेरिकी अर्थ जगत की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में 5 भारतवंशी

वित्त जगत से जुड़ी अमेरिका का प्रतिष्ठित साप्ताहिक पत्रिका बैरोन ने अमेरिकी अर्थ जगत की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की नई सूची जारी की है। इस सूची में भारतीय मूल की अनु आयंगर, रूपल जे. भंसाली, सोनल देसाई, मीना लकड़ावाला और सविता सुब्रमण्यन ने जगह बनाई है।

वित्त जगत से जुड़ी अमेरिका का प्रतिष्ठित साप्ताहिक पत्रिका बैरोन ने अमेरिकी अर्थ जगत की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की नई सूची जारी की है। इस सूची में भारतीय मूल की पांच अमेरिकी महिलाओं ने जगह बनाई है। इनमें अनु आयंगर, रूपल जे. भंसाली, सोनल देसाई, मीना लकड़ावाला और सविता सुब्रमण्यन शामिल हैं। इनके अलावा दो पाकिस्तानी अमेरिकी महिलाएं भी हैं।

बैरोन की यह चौथी सालाना सूची है। इस सूची में उन महिलाओं को रखा जाता है, जिन्होंने वित्तीय सेवा क्षेत्र में प्रमुख पद हासिल किए हैं और अर्थ जगत के भविष्य को आकार देने में मदद कर रही हैं।इस सूची में शामिल भारतीय मूल की अनु आयंगर अपने पति के साथ न्यूयॉर्क शहर में रहती हैं। उन्होंने स्मिथ कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए और वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय से एमबीए किया है। अपने करियर की शुरुआत से ही वह विलय और अधिग्रहण जैसे मामलों में रुचि रखती रही हैं।

अनु 1999 के बाद से स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के ग्राहकों को करीब 500 बिलियन से अधिक के लेनदेन और विलय की सलाह दे चुकी हैं। वह जेपी मॉर्गन की टीम में भी काम करती हैं। इन्वेस्टमेंट बैंक के महिला नेटवर्क के सह-अध्यक्ष के रूप में आयंगर महिलाओं की भर्ती और विकास के साथ कई भूमिकाओं में शामिल हैं। वह स्मिथ बिजनेस एडवाइजरी नेटवर्क की सह-अध्यक्ष भी हैं।

बैरोन की सूची में दूसरी भारतवंशी रूपल जे. भंसाली अपनी स्थिति का उपयोग करके अन्य महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने में मदद करती हैं। उनका कहना है कि मैं चाहती हूं कि महिलाएं पैसा कमाएं और पैसे का प्रबंधन करना सीखकर अपने पैसे को कई गुणा बढ़ाएं।

इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल सोनल देसाई ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक करने के बाद अमेरिका स्थित नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी की है। वह 2009 में फ्रैंकलिन टेम्पलटन में शामिल हुई थीं। उन्होंने पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर के रूप में करियर शुरू किया। उसके बाद वाशिंगटन डीसी में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में छह साल से अधिक समय तक काम किया। इसके बाद वह निजी वित्तीय क्षेत्र में उतर आईं और लंदन में ड्रेस्डनर क्लेनवॉर्ट वासरस्टीन के निदेशक और वरिष्ठ अर्थशास्त्री के रूप में लगभग पांच साल काम किया।

इनके अलावा सूची में गोल्डमैन सैक्स ग्रुप में ग्लोबल प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट मामलों की सह-प्रमुख मीना लकड़ावाला और बोफा सिक्योरिटीज की अमेरिकी इक्विटी रणनीतिक मामलों की प्रमुख सविता सुब्रमण्यन भी हैं। सूची में शामिल दो पाकिस्तानी अमेरिकियों में संघीय व्यापार आयोग की अध्यक्ष लीना खान और नुवीन की मुख्य निवेश अधिकारी सायरा मलिक हैं। वेल्थ मैनेजमेंट एंड इन्वेस्टमेंट सर्विसेज की उपाध्यक्ष भारतीय-अमेरिकी गुंजन केडिया को इस साल की सूची में जगह नहीं दी गई है।

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