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हिंदू धर्म के 'सप्त मोक्षदायीनी' में बढ़ेगा पर्यटन, मोदी सरकार उठा रही है ये कदम

ये सप्त मोक्षदायीनी पवित्र नगरियां यानी पुरियां हैं। ये सात शहर अलग-अलग देवी-देवताओं से संबंधित हैं। अयोध्या श्रीराम से संबंधित है। मथुरा और द्वारिका का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है। वाराणसी और उज्जैन भगवान शिव के तीर्थ हैं। हरिद्वार विष्णुजी और कांचीपुरम माता पार्वती से संबंधित है।

Photo by Jyotirmoy Gupta / Unsplash

हिंदू धर्म ग्रंथों में एक श्लोक है –

अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका।

पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिकाः॥

इस श्लोक का सरल अर्थ है कि अयोध्या, मथुरा, माया यानी हरिद्वार, काशी, कांचीपुरम, अवंतिका यानी उज्जैन, द्वारिकापुरी, ये सातों मोक्षदायीनी पवित्र नगरियां यानी पुरियां हैं। ये सात शहर अलग-अलग देवी-देवताओं से संबंधित हैं। अयोध्या श्रीराम से संबंधित है। मथुरा और द्वारिका का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है। वाराणसी और उज्जैन भगवान शिव के तीर्थ हैं। हरिद्वार विष्णुजी और कांचीपुरम माता पार्वती से संबंधित है।

भारत सरकार अब इन सप्त मोक्षदायीनी में पर्यटन को बढ़ाना चाहती है और इसके लिए सरकार ने विदेशी पर्यटकों को लुभाने का फैसला किया है। भारत सरकार में उत्तर उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के संस्कृति, पर्यटन और विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि सरकार हिंदू धर्म के इन सप्त मोक्षदायीनी के पर्यटन के लिए घरेलू के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करेगी।

रेड्डी ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय इन सातों पुरियों का समग्र प्रसार करेगा। विदेशों में बसे भारतीय प्रवासियों को भी सप्त मोक्षदायीनी की यात्रा के लिए आर्कषित किया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि घरेलू और वैश्विक बाजारों में प्रचार अभियान चलाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अलावा मंत्रालय के मीडिया हैंडल का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस योजना के लिए वित्तीय सहायता 'तीर्थ यात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन ड्राइव (PRASHAD) के जरिए की जाएगी।

अयोध्या Photo by Shivam Tiwari / Unsplash

अयोध्या

आपको बता दें कि अयोध्या श्रीराम का जन्म स्थान है। रामायण में बताया गया है कि अयोध्या राजा मनु द्वारा बसाई गई थी। ये नगर सरयू नदी के किनारे बसा हुआ है। ये प्राचीन नगरियों में से एक है।

मथुरा

वहीं भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। यहां श्रीकृष्ण ने कई लीलाएं की थी। इसी वजह से इसका धार्मिक महत्व काफी अधिक है। यह यमुना नदी के किनारे बसा हुआ है।

उज्जैन

उज्जैन की बात करें तो यह शिप्रा नदी के किनारे स्थित है। यहां भगवान शिव का महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग है। यहां 12 वर्ष में एक बार कुंभ मेला लगता है।

काशी Photo by Aman Gupta / Unsplash

काशी

काशी को वाराणसी भी कहा जाता है। यह गंगा नदी के किनारे बसा है। यहां काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग है। इसे शिव की नगरी भी कहते हैं।

द्वारिका

भारत के राज्य गुजरात में श्रीकृष्ण का मुख्य धाम द्वारिका  है। ये तीर्थ चार धाम में से एक है। द्वारिका धाम समुद्र किनारे स्थित है।

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हरिद्वार Photo by Suketu Solanki / Unsplash

हरिद्वार

हरिद्वार उत्तराखंड राज्य में है। यहां गंगा नदी बहती है। हरिद्वार में कुंभ मेला लगता है। प्राचीन समय में जब देवताओं और दानवों के बीच अमृत के लिए युद्ध हुआ था, तब हरिद्वार में भी अमृत की बूंदे गिरी थीं।

कांचीपुरम

तमिलनाडु में देवी पार्वती से संबंधित एक जगह कांचीपुरम है। यहां वेगवती नदी बहती है। ये शहर भी सप्तपुरियों में से एक है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं जिनका इतिहास प्राचीन समय से जुड़ा है।

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