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खास बात: भारत में G20 फोरम की मेजबानी इसलिए करेगा इंडियास्पोरा

इंडियास्पोरा-इंडिया के सीईओ श्रीकुमार नायर ने बताया कि इंडियास्पोरा जी20 फोरम वैश्विक स्तर पर स्थायी प्रभाव पैदा करने का एक अद्वितीय अवसर प्रस्तुत करता है। इस कार्यक्रम को आयोजित करके हमारा लक्ष्य ऐसे ठोस समाधान निकालना है जो सीमाओं से परे हों और सहयोग को बढ़ावा दें।

Photo by Naveed Ahmed / Unsplash

भारतीय प्रवासियों को एकजुट करने के लिए समर्पित गैर-लाभकारी संगठन इंडियास्पोरा (Indiaspora) ने घोषणा की है कि संगठन भारत की प्रगति में भारतीय प्रवासियों की भूमिका पर विचार-विमर्श करने के लिए अगस्त महीने के अंत में राजधानी दिल्ली में एक जी20 फोरम की मेजबानी करेगा। भारत 100 वर्ष की आजादी के बाद यानी 2047 में कैसा हो इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

आगामी 22 अगस्त से तीन दिवसीय इंडियास्पोरा जी20 फोरम विदेश नीति, वित्तीय समावेशन, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य सेवा, परोपकार, उद्यमिता, खेल, व्यापार व निवेश पर आधारित होगा। इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए दुनिया भर से प्रभावशाली लोगों को आमंत्रित किया जाएगा।

इंडियास्पोरा-इंडिया के सीईओ श्रीकुमार नायर ने बताया कि इंडियास्पोरा जी20 फोरम वैश्विक स्तर पर स्थायी प्रभाव पैदा करने का एक अद्वितीय अवसर प्रस्तुत करता है। इस कार्यक्रम को आयोजित करके हमारा लक्ष्य ऐसे ठोस समाधान निकालना है जो सीमाओं से परे हों और सहयोग को बढ़ावा दें। यह फोरम सकारात्मक बदलाव और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सार्थक विरासत छोड़ने को लेकर भारतीय प्रवासियों की सामूहिक प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।

तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में कई सेशन होंगे। विभिन्न चर्चाओं के लिए वक्ताओं को मंच प्रदान किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से वक्ताओं में सरकारी अधिकारी और नीति निर्माता, व्यवसायी और उद्यमी, निपुण खिलाड़ी, प्रेरक कलाकार और समर्पित परोपकारी शामिल होंगे जो सभी एक बेहतर दुनिया के लिए एक समान दृष्टिकोण साझा करते हैं।

इस मामले पर इंडियास्पोरा के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजीव जोशीपुरा ने बताया कि चूंकि भारत ने जी20 की अध्यक्षता संभाली हुई है इसलिए इंडियास्पोरा जी20 फोरम की योजना इससे अधिक उपयुक्त समय पर नहीं बनाई जा सकती थी। इंडियास्पोरा 25 देशों के 200 प्रवासी नेताओं को इकट्ठा कर रहा है ताकि यह देखा जा सके कि हम आजादी के 100 साल की दिशा में भारत की यात्रा में कैसे योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में प्रमुख नेताओं के साथ काम कर रहे भारतीय प्रवासी समावेशी विकास, सतत विकास और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए हमारी सामूहिक शक्ति का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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