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क्रांतिकारी डिवाइस के नाम पर दिया था धोखा, थेरानोस के पूर्व प्रमुख को 13 साल की जेल

थेरानोस कंपनी ने निवेशकों को झांसा दिया था कि उसने एक ऐसा क्रांतिकारी मेडिकल उपकरण विकसित किया है जो रक्त की कुछ बूंदों की जांच करके रोगों की गंभीरता और स्थिति का पता लगा सकता है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। भारतीय मूल के रमेश बलवानी से पहले कंपनी की मालिक एलिजाबेथ होम्स को भी सजा हो चुकी है।

अमेरिकी स्टार्टअप कंपनी थेरानोस के पार्टनर और पूर्व अध्यक्ष रमेश बलवानी (सनी) को करीब 13 साल जेल की सजा सुनाई गई है। उन्हें निवेशकों से धोखाधड़ी और साजिश का दोषी माना गया है। थेरानोस पर यह कहकर निवेशकों को झांसा देने का आरोप है कि उसने ऐसा क्रांतिकारी मेडिकल उपकरण विकसित किया है जो रक्त की कुछ बूंदों की जांच करके रोगों की गंभीरता का पता लगा सकता है।

भारतीय मूल के बलवानी को उनकी पार्टनर और कंपनी की मालिक एलिजाबेथ से अधिक सजा मिली है। 

अभियोजन का कहना था कि कंपनी की मालकिन एलिजाबेथ होम्स ने अपने ब्वॉयफ्रेंड सनी के साथ मिलकर निवेशकों के साथ इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया था। होम्स को इसी मामले में 11 साल 3 महीने की सजा सुनाई जा चुकी है। भारतीय मूल के बलवानी को कंपनी मालिक एलिजाबेथ से अधिक सजा मिली है।

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