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इटली में प्रवासियों से भरी नाव डूबी, 200 लोग सवार थे, 62 शव निकाले गए

प्रवासियों और शरणार्थियों से भरी लकड़ी की ये नाव इटली के दक्षिण में कैलाब्रिया के तटीय शहर क्रोटोन खराब मौसम की वजह से डूब गई। कुछ अधिकारियों का दावा है कि नाव पर 200 से अधिक लोग सवार थे। 80 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है। बाकियों की तलाश जारी है।

इसी नाव में सवार होकर प्रवासी इटली जा रहे थे कि डूब गए। (फोटो साभार सोशल मीडिया)

इटली में प्रवासियों के साथ एक बड़ा हादसा हुआ है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान समेत कई देशों के प्रवासियों से भरी एक नाव के डूब जाने से 62 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 12 बच्चे हैं। दर्जनों अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। कोस्ट गार्ड के अनुसार 80 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है। कई लोग खुद तैरकर किनारे पहुंचने में कामयाब रहे।

प्रवासियों और शरणार्थियों से भरी लकड़ी की ये नाव इटली के दक्षिण में कैलाब्रिया के तटीय शहर क्रोटोन खराब मौसम की वजह से डूब गई। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार बचाव दल के अधिकारियों ने बताया है कि नाव में 200 से अधिक लोग सवार थे। हालांकि कुछ चश्मदीदों के हवाले से यात्रियों की संख्या 120 भी बताई जा रही है। बताया गया है कि नाव पर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सोमालिया और ईरान से प्रवासी सवार थे जो तुर्की से इटली में शरण लेने के लिए निकले थे।

नाव पर सवार लोगों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी अच्छी-खासी थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनके देश के 24 से अधिक लोग इस हादसे का शिकार हुए हैं। यह घटना बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटरेला ने कहा कि हादसे का शिकार हुए कई प्रवासी अफगानिस्तान और ईरान से आए थे जो अपने देश में काफी मुश्किल हालातों से भाग रहे थे।

मेयर एंटोनियो सेरासो के अनुसार नाव तीन-चार दिन पहले पूर्वी तुर्की के इज़मिर से निकली थी। इटली सरकार ने कहा है कि बचाए गए लोगों में ज्यादातर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और सोमालिया से हैं। हालांकि अभी सभी मृतकों की नागरिकता की पहचान नहीं हो पाई है।

बता दें कि मानव तस्करों द्वारा प्रवासियों को अवैध रूप से तस्करी करके यूरोप पहुंचाए जाने के लिए तुर्की का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। बेहतर जिंदगी की आस में ये प्रवासी कभी-कभी सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं, मीलों तक पैदल चलते हैं और कई-कई दिनों तक जहाज के कंटेनरों में बंद रहते हैं।

समुद्र के रास्ते उत्तरी यूरोपीय देशों में घुसने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए इटली मेन लैंडिंग सेंटर में से एक है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल इतालवी तटों पर पहुंचे 105,000 प्रवासियों में से 15 प्रतिशत तुर्की के रास्ते आए थे। इनमें से लगभग आधे लोग अफगानिस्तान से भागकर पहुंचे थे।

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