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देश में ही बने 99% मोबाइल इस्तेमाल करते हैं भारतीय, जानें किसने कहा

वैष्णव ने आगे कहा कि आज भारत में इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में निर्यात आधारित वृद्धि की संभावना है। 10 साल पहले भारत में इस्तेमाल होने वाले 98 प्रतिशत मोबाइल फोन आयात किए जाते थे। आज भारत में इस्तेमाल होने वाले 99.2 फीसदी मोबाइल फोन देश में ही बनते हैं। यही मेक इन इंडिया की कामयाबी है।

एक दशक पहले स्थिति ये थी कि 98 प्रतिशत फोन आयात किए जाते थे। Photo by Yura Fresh / Unsplash

भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत में इस्तेमाल किए जाने वाले लगभग 99 प्रतिशत मोबाइल फोन अब देश में ही बनाए जाते हैं जबकि एक दशक पहले स्थिति ये थी कि 98 प्रतिशत फोन आयात किए जाते थे।

तमिलनाडु में मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ मशहूर लोग देश में मोबाइल फ़ोन उद्योग के विकास की आलोचना करते रहते हैं। वे मोबाइल फोन उद्योग की तरक्की को भूल जाते हैं। इससे पैदा हो रहे रोजगार के अवसरों को भूल जाते हैं। वे भूल जाते हैं कि मोबाइल फोन उद्योग में 2.5 लाख कर्मचारी सीधे तौर पर काम कर रहे हैं। वे भूल जाते हैं कि हर गुजरते दिन यह सेक्टर ग्रोथ कर रहा है। विपक्ष में कुछ बड़े नेता हैं जो अब भी मानते हैं कि मोबाइल फोन विदेशों से ही आयात किए जाते हैं।

वैष्णव ने आगे कहा कि आज भारत में इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में निर्यात आधारित वृद्धि की संभावना है। 10 साल पहले भारत में इस्तेमाल होने वाले 98 प्रतिशत मोबाइल फोन आयात किए जाते थे। आज भारत में इस्तेमाल होने वाले 99.2 फीसदी मोबाइल फोन देश में ही बनते हैं। यही मेक इन इंडिया की कामयाबी है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोर-शोर से आगे बढ़ा रहे हैं।

बता दें कि मोबाइल निर्माण के मामले में भारत ने हाल के वर्षों में काफी तरक्की की है। लेटेस्ट रिपोर्ट्स की मानें तो भारत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। वह इस मामले में चीन से बस एक कदम दूर है।

भारत न सिर्फ अपनी घरेलू खपत के लिए मोबाइल बना रहा है बल्कि उन्हें अन्य देशों को निर्यात भी कर रहा है। काउंटरप्वाइंट के आंकड़े बताते हैं कि साल 2023 में भारत में असेंबल हुए कुल मोबाइल फोन में से 22 फीसद का निर्यात किया गया था।

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